राष्ट्र के लोगों के लिए संदेश
नमस्कार,
मेरे प्यारे देशवासियों हमारा राष्ट्र विश्वगुरू बनने के पथ निरंतर अग्रसर है। पिछले कुछ सालो में इसकी झलक दिखाई दे रही है। देश के लोग अब अपने निजी हितों से उपर उठकर राष्ट्र के लिए चिंतन करते हुए कार्य कर रहे है। आज हमारा भारत प्रत्येक क्षेत्र में दुनिया के विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है। हमारा देश सामाजिक विकास, आर्थिक सुदृढ़ता, मूलभूत ढांचागत विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा क्षेत्र, तकनीक एवं अन्य सभी क्षेत्र जो एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए आवश्यक है सभी में तीव्र गति से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। जो हमारे भारत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के राष्ट्र के प्रति लक्ष्य “विकसित भारत 2047” को पूर्ण करने में अहम भूमिका निभाऐगा।
मेरा ऐसा विचार है कि भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए राष्ट्रयज्ञ चल रहा है और इसमें हम सभी देशवासियों को अपनी हिस्से की आहुति डालनी ही होगी तभी हमारा राष्ट्र परम वैभव को प्राप्त होगा। इसके लिए हम सभी को यह प्रण लेते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक यह बात निश्चित रूप पहुँचानी होगी कि.....
लड़ो,
लड़ नहीं सकते तो बोलो,
बोल नहीं सकते तो लिखो,
लिख नही सकते तो साथ दो,
साथ भी नहीं दे सकते तो जो लिख, बोल और लड़ रहे हैं, उनका मनोबल बढ़ाओ
ये भी न कर सको तो कम से कम उनका मनोबल गिराओ तो मत,
क्योंकि वो आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं...!
धन्यवाद . . .